झांसी। हमारे देश के हर एक किसान के लिए फसल बीमा योजना उतना ही ज्यादा जरूरी है जितना कि जीवन बीमा होता है। जिस प्रकार जीवन बीमा लेने वाला व्यक्ति पूरी तरह से सुरक्षित हो जाता है और उसकी मृत्यु के पश्चात नॉमिनी को पैसा हम मिल जाता हैं। ठीक इसी तरह जब आप अपनी फसलों का बीमा करवा लेते हैं, तो फसल प्राकृतिक व अन्य किसी भी कारण से नष्ट होने की स्थिति में आपको फसल बीमा की राशि सीधे बैंक खाते में दे दी जाती हैं। इस फसल बीमा की राशि से हर एक किसान आसानी से अगली फसल के लिए बीज भी खरीद सकेंगे व अपना जीवन यापन भी अच्छी तरह कर सकेंगें। उक्त उद्गार जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट स्थित कक्ष में “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ” अभियान के अंतर्गत किसानों को पॉलिसी वितरित करते हुए व्यक्त किए।अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने सांकेतिक रूप से किसानों को पॉलिसी बांटी। इस अभियान में सरकार घर-घर जाकर फसल बीमा पॉलिसी प्रदान करेगी. इसके माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत नीतियों, भूमि अभिलेखों, दावे की प्रक्रिया और शिकायत निवारण के बारे में किसानों को जानकारी दी जाएगी उन्होंने कहा कि “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ” अभियान की शुरुआत किसानों को फसल बीमा के बारे में जागरूक करने के लिए किया गया है। इसके माध्यम से फसल बीमा पालिसी को किसानों के घरों के दरवाजे तक लाया जाए। अब किसानों को अपनी फसलों का बीमा करवाने के लिए इधर उधर भटकने की आवश्यकता नहीं हैं, क्योंकि बीमा कंपनियां खुद ही किसानों से कांटेक्ट करेंगे। मेरी पॉलिसी मेरे हाथ अभियान के माध्यम से किसानों और बीमा कंपनियों के बीच सीधा संवाद भी बढ़ेगा और ज्यादा से ज्यादा किसानों को फसल बीमा योजना के बारे में पता चल सकेगा जिससे कि अधिक से अधिक किसान अपनी फसलों का बीमा करवा सकेगें। जिलाधिकारी ने कहा कि जब जनपद के सभी किसान अपनी फसलों का बीमा करवा लेंगे, तो धीरे-धीरे करके किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। क्योंकि फसलों के नष्ट हो जाने के कारण जिन किसानों के पास दोबारा फसल लगाने के पैसे भी नहीं बचते थें, तो वह किसानों को फसल बीमा की राशि से दोबारा फसल उगाने के साथ-साथ अपने परिवार का पालन पोषण भी अच्छे से कर सकेंगे।उन्होंने कहा कि जो किसान बहुत ही ज्यादा गरीब है और केवल खेती पर ही निर्भर रहते हैं, तो इस प्रकार के किसानों का तो फसल नष्ट हो जाने पर बहुत ज्यादा नुकसान होता है। यदि इस प्रकार के सभी किसान अपनी फसलों का बीमा करवा कर रखेंगे, तो फिर उन्हें फसलें नष्ट हो जाने पर भी नुकसान नहीं होगा और वह गरीबी रेखा से भी बाहर आ सकेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के 2,43,986 किसान जुड़ चुके हैं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के साथ, जनपद के अन्यकिसानों को लगातार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना-2022 के माध्यम से जागरूक किया जा रहा हैं। वर्ष 2020 से पहले तो हर एक किसान के लिए अपनी फसल का बीमा करवाना अनिवार्य था। परंतु वर्ष 2020 में इस योजना को सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक कर दिया गया था। इसके बाद अब हर एक किसान को यह छूट है कि वह अपनी इच्छा के अनुसार अपनी फसलों का बीमा करवा सकता हैं। इस मौके पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कृषक शारदा शरण ग्राम डिकौली बबीना, मान सिंह ग्राम बछेह बामौर, अशोक ग्राम लावन श्री हरिओम ग्राम लावन मोंठ तथा रामबाबू पाड़री बड़ागांव आदि कृषकों को खरीफ-2022 की फसल बीमा पॉलिसी तथा राई मिनीकिट का वितरण किया गया। इस अवसर पर एम०पी० सिंह उप कृषि निदेशक, के0के0 सिंह जिला कृषि अधिकारी, केन्द्रीय बीज भंण्डार प्रभारी झॉसी, जिला समन्वयक ए०आई०सी कम्पनी के साथ-साथ उप कृषि निदेशक कार्यालय से नीरेन्द्र सिंह धाकड़ एवं दीपक कुशवाह उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा






