झांसी।
26 नवंबर 2025 को बीएचईएल झांसी इकाई के संयुक्त श्रमिक संगठनों — INTUC, AITUC, HMS, CITU एवं BWTU — ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चारों श्रम संहिताओं के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति जी के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी झांसी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में संगठनों ने स्पष्ट कहा कि श्रम संहिताएँ बिना पर्याप्त सामाजिक संवाद, त्रिपक्षीय विचार-विमर्श एवं श्रमिक हितों को ध्यान में रखे लागू की गई हैं, जो श्रमिक अधिकारों, औद्योगिक संबंधों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के विरुद्ध हैं। पत्र के माध्यम से वेज कोड से टेक-होम सैलरी में कमी और मजदूर-विरोधी गणना प्रणाली ,औद्योगिक संबंध संहिता में नौकरी सुरक्षा समाप्तप्राय तथा हड़ताल के अधिकार पर कठोर प्रतिबंध,सामाजिक सुरक्षा कोड के प्रावधान अस्पष्ट, ठेका व असंगठित मजदूरों के लिए व्यवहारिक सुरक्षा का अभाव,OSH कोड में सुरक्षा निरीक्षण प्रणाली कमजोर, जोखिमपूर्ण कार्यों में सुरक्षा प्रावधान घटे,स्थायी नौकरियों में तेज कमी एवं ठेका प्रथा के विस्तार का खतरा,प्रबंधन को अत्यधिक शक्ति और श्रमिकों के अधिकारों का क्षरण, औद्योगिक सद्भाव, उत्पादन और गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव, कई ILO मानकों के उल्लंघन की आशंका जाहिर कर महामहिम से हस्तक्षेप करने की मांग की और कहा कि प्रबंधन–यूनियन–कर्मचारी प्रतिनिधियों की संयुक्त त्रिपक्षीय बैठक तत्काल बुलाई जाए। संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति जी से अनुरोध किया कि श्रमिकों के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक हस्तक्षेप करें।
उक्त अवसर पर संयुक्त श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा


