झांसी। दो अलग अलग घटनाओं में नाबालिगों से छेड़खानी तथा दूसरे में दुष्कर्म करने वाले आरोपियों की अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने दोनो आरोपियों को जमानत देने से इंकार करते हुए उनका जमानती प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।लोक अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि एक युवक ने 19 अगस्त 2024 को बरुआ सागर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी पंद्रह वर्षीय पुत्री अपने मामा के घर राखी बांधने गई थी। तभी आरोपी शोभित यादव निवासी ग्राम सारोल आ गया और उसकी पुत्री को फोन पर बात न करने पर धमकाते हुए जान से मारने की धमकी तथा बताया कि पूर्व में यह उसकी पुत्री के साथ रास्ते में आते जाते समय में छेड़खानी करता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। आज आरोपी ने न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे जमानत देने से इंकार करते हुए जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। वही दूसरे प्रकरण में शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह ने बताया कि एक व्यक्ति ने 18 जून 2024 को समथर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी दो नाबालिग बहने घर पर अकेली थी। तभी ग्राम सकिन निवासी शौकीन खान अपने तीन साथियों के साथ आया और उसने व उसके साथियों ने दोनो बहनों के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया था। आज न्यायालय में आरोपी शौकीन खान का जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसका शासकीय अधिवक्ता ने आरोपी को जमानत न देने का विरोध करते हुए न्यायलय से अपील की। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा






