July 14, 2024

वज्रपात जोखिम वाले क्षेत्रों में रहें सतर्क,जानकारी होने पर ही बचाव संभव : जिलाधिकारी

झांसी। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जनपद वासियों से अपील करते हुए कहा कि मानसून का समय चल रहा है और ऐसे में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी क्षेत्रों में बनी रहती है, जिससे जान माल की क्षति हो सकती है। उन्होंने जनमानस को जागरूक करने हेतु एवं आकाशीय बिजली से अपना कैसे बचाव करें। इसके बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जब आप घरों में हों तो आकाशीय बिजली या वज्रपात होने के समय इन निर्देशों का पालन शत-प्रतिशत करें। जैसे कि बिजली उपकरणों, स्विचों, तारों, और टेलीफोन का प्रयोग ना करें और खिड़की के कांच, टीन की छत, गीले सामानों और लोहे के हैंडलों से दूर रहें। दीवारों के सहारे टेक लगाकर ना खड़े हों, स्नान करना तुरंत रोक दें। *जब आप घर से दूर हो तो इन निर्देशों का पालन करें।* अगर आप के सर के बाल खड़े हो रहे हों, त्वचा में झुनझुनी हो तो फौरन सर झुका कर कान बंद कर लें, क्योंकि आपके आसपास बिजली गिरने वाली ही होगी। सफर के दौरान अपने वाहन में शीशे चढ़ा कर बैठे रहें। मजबूत छत वाले वाहन में रहें, खुली छत वाले वाहनों की सवारी ना करें। वज्रपात के समय अगर आप पानी में हो तो तुरंत बाहर आ जाएं। किसी बिजली के खंबे के समीप ना खड़े हों। यदि आप जंगल में हो तो बौने एवं घने पेड़ों के शरण में चले जाएं। धातु से बने कृषि यंत्र आदि से अपने को दूर कर दें। यदि आप खेत खलिहान में काम कर रहे हों और किसी सुरक्षित स्थान की शरण ना ले पाए हों तो जहां है वहीं रहें और पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें जमीन पर किसी भी दशा में ना लेटें पैदल जा रहे हो तो, धातु की डंडी वाले छातों का उपयोग ना करें। वज्रपात के मामले में मृत्यु का तात्कालिक कारण हृदयाघात होता है। अगर जरूरी हो तो संजीवन क्रिया प्राथमिक चिकित्सा सीपीआर प्रारंभ कर दें, संजीवन क्रिया या प्राथमिक चिकित्सा देने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि प्रभावित व्यक्ति के शरीर में विद्युत का प्रभाव न हो रहा हो एवं यह भी सुनिश्चित करने की पीड़ित की नाड़ी एवं साथ स्वाश चल रही हो। जनमानस पर वज्रपात/ आकाशीय बिजली के जोखिम आकाशीय बिजली गिरने के समय भारी विद्युत प्रवाह होता है। इसकी परिधि में आने वाले जीवों की मृत्यु तक हो सकती। यदि बिजली के संपर्क में व्यक्ति पहले से ही हो तो खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। यदि व्यक्ति किसी ऊंचे पेड़ के पास खड़ा हो और पेड़ के ऊपर वज्रपात हो जाए तो वज्रपात का प्रभाव बगल से भी हो सकता है। वज्रपात से जानमाल की व्यापक क्षति होती है। लोगों की जान तक चली जाती है। जो जीवित बचते हैं वह किसी कार्य के लायक नहीं रहते। जैसे आंखों की रोशनी चले जाना, सुनने की क्षमता समाप्त या कम हो जाना इत्यादि। फूस के घरों में आग लगने की घटना भी बनी रहती है। अतः सभी लोग आकाशीय बिजली या वज्रपात से सतर्क रहें एवं सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें। एवं अपने आसपास के लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करें। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने समस्त जनपद वासियों से अपील करते हुए कहा कि दामिनी ऐप अपने मोबाइल फोन में अवश्य डाउनलोड कर लें। इस ऐप के माध्यम से वज्रपात की जानकारी पूर्व में और सटीक प्राप्त होगी, जिससे जान माल के नुकसान को हम रोक सकते हैं।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा