July 14, 2024

किशोरी को शादी का झांसा देकर बलात्कार करने का आरोप सिद्ध, सात वर्ष की सजा और बीस हजार जुर्माना

झांसी। किशोरी को घर में अकेला पाकर उसे बहला फुसला कर भगा ले जाना और जबरन दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट मोहम्मद नयाज अहमद अंसारी की अदालत ने आरोपी को सात वर्ष का कारावास और बीस हजार रुपए जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया है।अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाह ने बताया कि 9 मार्च 2017 को मऊरानीपुर थाने में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह और उसका परिवार 27 फरवरी 2017 को श्रीवास समाज के आयोजित सम्मेलन में शामिल होने गए थे। घर पर उसकी 15 वर्षीय पुत्री अकेली थी। तभी पुरानी मऊ निवासी युवक अजय श्रीवास उसकी पुत्री को बहला फुसला कर अपने साथ ले गया और घर में रखे रुपए जेवरात भी ले गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराकर उसके बयानो के आधार पर आरोपी युवक अजय श्रीवास के खिलाफ उसकी बिना मर्जी बलात्कार करने की धारा बढ़ा कर आरोपी को जेल भेजकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए आज अदालत ने आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को सात वर्ष का कारावास और बीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। वारंट बनाकर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा गया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा