July 14, 2024

केन्द्रीय कृषि विवि में प्रसार शिक्षा परिषद् की चतुर्थ बैठक हुई सम्पन्न

झाँसी। रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विवि, झाँसी के कृषि प्रसार शिक्षा परिषद् की चतुर्थ बैठक के मुख्य अतिथि पूर्व उप महानिदेशक (प्रसार शिक्षा) भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली ने एफपीओ के व्यापार योजना पर प्रशिक्षण तथा पपीता, आम तथा अगेव के गुणवत्तायुक्त उत्पादन तथा विपणन के लिए उपयुक्त प्रसार गतिविधियों को प्रारम्भ करने हेतु अपना सुझाव दिया। इसके साथ ही उन्होंने गेहूँ तथा धान के प्रति किग्रा कि परम्परागत तथा उन्नत तकनीक से उत्पादन में लगने बाले पानी की मात्रा के शोध अध्ययन को भी प्रस्तुत किया। अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि विवि बुंदेलखण्ड की परिस्थितियों को देखते हुए मक्का, मूंगफली, उर्द, कठिया सरसाों, गेहूँ, खरीफ प्याज, अदरक, शकरकंद तथा ककोड़ा की गुणवत्तायुक्त उत्पादन बढ़ाने हेतु प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही विवि 5 ग्रामों (इमलिया, बम्होरी कला तथा सिरोन जिला ललितपुर, मगरपुर जिला झाँसी तथा पजनपुरा जिला निवाड़ी, म.प्र.) को गोद लेकर वहां उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी के माध्यम से उनका विकास करने हेतु किए जा रहे कार्यों के कार्ययोजना के बारे में बताया। प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. एसएस सिंह ने आगामी वर्ष 2024 – 25 के लिए प्रसार गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। पूर्ववर्ष 2023 – 24 में किए गए कार्यों का विवरण विभागाध्यक्ष प्रसार शिक्षा डॉ. श्रीधर पाटिल ने प्रस्तुत किया। प्रसार शिक्षा परिषद् के कृषक प्रतिनिधियों श्री अशोक कुमार सिंह, ग्राम मडोरी, तहसील जालौन, उत्तर प्रदेश, श्री भगवान सिंह यादव, ग्राम बेरछ, तहसील भाण्डेर, दतिया, मध्य प्रदेश, श्रीमती विनीता देवी, मुखरयाना मुहल्ला, बंगरा, तहसील मऊ, जिला झाँसी ने गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन तथा विभिन्न कृषि प्रौद्योगिकियों के सफल मॉडल को कृषकों के अवलोकन हेतु विवि परिसर में स्थापित करने का सुझाव दिया। कृषि प्रसार गतिविधियों के सफलता पूर्वक क्रियान्वयन हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। डॉ. शांतनु कुमार दुबे, निदेशक, आईसीएआर – अटारी, कानपुर, डॉ. एसआरके सिंह, निदेशक, आईसीएआर अटारी जबलपुर, मध्य प्रदेश, डॉ. जी दास उपनिदेशक पशुपालन, डॉ. ओपी सिंह, भूतपूर्व निदेशक प्रसार शिक्षा, एस.बी.पी. कृषि विवि, मेरठ, डॉ. एलबी यादव, संयुक्त कृषि निदेशक झाँसी डॉ. भूपेश पाल, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड, डॉ. एसके चतुर्वेदी, निदेशक शोध, डॉ. अनिल कुमार, निदेशक शिक्षा, डॉ. वीपी सिंह,अधिष्ठाता पशु चिकित्सा महाविद्यालय, डॉ. आरके सिंह, अधिष्ठाता, डॉ. मनीष श्रीवास्तव अधिष्ठाता उद्यानिकी एवं वानिकी, डॉ. मनमोहन डोबरियाल अधिष्ठाता मत्स्य, ने बुंदेलखण्ड में कृषि को और बेहतर करने के लिए अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. संजीव कुमार उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा