July 14, 2024

रेल प्रशासन ने रनिंग स्टाफ से समानता से कार्य करने के दिए निर्देश पुरुष रनिंग कर्मचारियों पर पड़ रहा था कार्य का भार स्टाफ होते हुए भी रेल प्रशासन को हो रही थी असुविधा व राजस्व की हानि

झांसी। मंडल रेल प्रबंधक व वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर परिचालन द्वारा रनिंग महिला कर्मचारी व रनिंग पुरुष कर्मचारियों से समानता से कार्य करने के आदेश विगत दो दिन पूर्व जारी किए गए हैं जिससे अब सभी रनिंग स्टाफ को समानता से कार्य करने व रेस्ट करने का अवसर प्राप्त होगा व पुरुष वर्ग के कर्मचारियों पर मानसिक व शारीरिक बोझ कम होगा। विदित हो कि वर्तमान में झांसी मंडल के अलावा अन्य सभी मंडलों में महिला कर्मचारी 24 घंटे कार्य करती हैं और दोनों ओर से अर्थात आउट ऑफ हेड क्वार्टर से भी गाड़ी लाती हैं परंतु झांसी मंडल में महिला कर्मचारियों द्वारा केवल दिन में गाड़ी चलाने व केवल एक ओर से गाड़ी चलाने से ज्यादा स्टाफ व अधिक रेल राजस्व का भुगतान करने के साथ ही पुरुष कर्मचारियों का रेस्ट बाधित होता है व अपेक्षाकृत रात्रि ड्यूटी बढ़ने से उन पर शारीरिक व मानसिक दबाव बढ़ता है ,जिससे रेल की सुरक्षा व संरक्षा पर भी प्रभाव पड़ता है साथ ही स्टाफ के होते हुए भी स्टाफ की कमी के कारण गाड़ियां पिट जाती हैं जो रेल राजस्व के नुकसान का कारण है। महिला कर्मचारी अपनी सुविधानुसार आउट स्टेशन से रात्रि में गाड़ी लाती हैं व स्पेयर भी आती हैं परंतु झांसी से रात्रि में ड्यूटी करने में गुरेज है । पुरुष कर्मचारियों को 8 से 10 दिन में रेस्ट मिल पाता था जबकि महिला कर्मचारी प्रत्येक ड्यूटी के बाद 30 घंटे का रेस्ट ले रही थीं ,जिससे पुरुष कर्मचारी के परिवार के लिए समय ना दे पाने के साथ ही मानसिक थकान भी हो रही थी इससे रेल प्रशासन के कार्य में बाधा आ रही थी इसे दृष्टिगत रखते हुए मंडल रेल प्रबंधक व रेल प्रशासन द्वारा समानता के आधार पर कार्य करने के आदेश दिए गए हैं।जिससे पुरुष रनिंग कर्मचारियों में खुशी की लहर है और उन्होंने मंडल रेल प्रबंधक व वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर का आभार व्यक्त किया है। ज्ञात हो कि महिला होने का सहारा लेकर यूनियनों के माध्यम से दबाव बनाकर नाइट ड्यूटी न करने का काम किया जाता रहा है। कई महिला कर्मचारी झांसी में सुविधा होने के कारण जो अन्य मंडलों आदि में रात्रि में कार्य कर रही थीं वह भी झांसी ट्रांसफर कराकर आने के बाद लाभ लेने लगीं जिससे कर्मचारियों की संख्या तो बढ़ी लेकिन कार्य का भार पुरुष कर्मचारियों पर आ गया ।वर्तमान में झांसी में लगभग 100 महिला कर्मचारी हैं जिनके कार्य का भार पुरुषों पर डाला जा रहा था इन सभी बातों को दृष्टिगत रखते हुए रेल मंडल प्रबंधक द्वारा सभी के साथ समान कार्यभार डालने का निर्णय लिया गया है,जिसका सभी पुरुष रनिंग कर्मचारी स्टाफ ने स्वागत करते हुए सराहना की।

संवैधानिक व्यवस्था का हो रहा था उल्लंघन

संवैधानिक व्यवस्था के आधार पर समस्त पुरुष व महिला कर्मचारियों को समानता का अधिकार दिया गया है इसके विपरीत झांसी मंडल में महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं के अतिरिक्त समानता से कार्य न कराकर अतिरिक्त सुविधा प्रदान की जा रही थी जबकि अन्य रेल मंडलों में ऐसी व्यवस्था नहीं है समस्त रनिंग कर्मचारियों से समानता से कार्य कराया जाता है ।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा