July 14, 2024

अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर हुआ पौधरोपण व राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन

झाँसी। रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में वनों की उपयोगिता एवं महत्व को चरितार्थ करने हेतु सप्ताह भर प्रश्नोत्तरी, फोटोग्राफी, कविता-पाठ जैसी प्रतियोगिता आयोजित की गई। अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर आज विश्वविद्यालय के औषधीय वाटिका पर सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं छात्राओं के द्वारा औषधीय वृक्ष शयोनाक (ओरोजाइलम इण्डिका) का रोपण किया गया। यह वृक्ष कई प्रकार के औषधीय गुणों से परिपूर्ण है व दशमूलारिष्ट के अंतर्गत संकलित किया है। यह वृक्ष पीलिया, अल्सर, ट्यूमर, डायबिटीज, हड्डी एवं श्वास संबंधी रोगों के लिए अत्यंत उपयोगी है। वनों का हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्व है, यदि हम वनों में नवोन्वेषी तकनीकी का उपयोग करते हैं तो विश्व को सुखद परिणाम हासिल हो सकते हैं। इन्हीं नवोन्वेषी तकनीकों के बारे में मंथन हेतु राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया गया जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. अशोक कुमार सिंह जी ने वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए सभी को इस दिवस की शुभकामनाएं व्यक्त की साथ ही वनों के संरक्षण, पोषण एवं बचाव पर बल दिया। अधिष्ठाता, उद्यानिकी एवं वानिकी, डाॅ. एम. जे. डोबरियाल ने विश्वविद्यालय में उपस्थित वनों के उन्नत माडलों की चर्चा व नवीन तकनीकों से युक्त मॉडल की उपयोगिता के बारे में विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषिवानिकी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डाॅ. ए. अरुणाचलम ने तकनीकी सत्र की अध्यक्षता व कृषिवानिकी अपनाने पर जोर दिया। इस वेबिनार पर देश के नामचीन वैज्ञानिक डाॅ. अजय ठाकुर, डाॅ. के. टी. पार्थिबन, तमिलनाडु, डाॅ. संजीत चैहान, सोलन, डाॅ. राजेश गुनागा, नवसारी, डाॅ. रामकृष्ण हेगड़े, कर्नाटक व अरविन्द बिजलवान, उत्तराखण्ड ने वनों में चल रहे नवोन्वेषों के बारे में अपने विचार व्यक्त किया। पौधरोपण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार शिक्षा डाॅ. एस. एस. सिंह, निदेशक शोध डाॅ. एस. के. चतुर्वेदी, निदेशक शिक्षा, डाॅ. अनिल कुमार, अधिष्ठाता कृषि, डाॅ. आर. के. सिंह, अधिष्ठाता, पशु चिकित्सा डाॅ. वी. पी. सिंह, अधिष्ठाता उद्यानिकी एवं वानिकी डाॅ. एम. जे. डोबरियाल, छात्र कल्याण अधिकारी, डाॅ. गौरव शर्मा समेत सभी शिक्षकों ने पौधरोपण किया इस पूरे कार्यक्रम के आयोजन में संयोजक डाॅ. आर. पी. यादव व सह-संयोजक डाॅ. हर्षा हेगड़े, डाॅ. प्रभात तिवारी, डाॅ. ए. एस. काले और डाॅ. पंकज लावानिया समेत वानिकी के शिक्षकों का अहम योगदान रहा।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा