July 14, 2024

इंडिया गठबंधन ने किसानों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग कर ज्ञापन सौंपा

झाँसी। मंगलवार को इंडिया गठबंधन के लोग समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में पुर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के मुख्यातिथि में उत्तर भारत में लगातार खराब हो रहे मौसम के बीच झांसी में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचाया है, नतीजा है कि किसानों के बीच त्राहिमाम मचा हुआ है। बुंदेलखंड का किसान 2004 से लगातार मौसम की मार झेलते झेलते आज बहुत ही खराब स्थिति में पहुंच गया है। जिसके मुआवजा की मांग ज्ञापन देते हुए की। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2004 के बाद यदि 2007 और 2011 को छोड़ दें तो यहां का किसान किसी मौसम में दोनों मुख्य फसल चक्र (रबी और खरीफ) की फसल नहीं ले पाया है। अब तो हालात इतने खराब हैं कि फसल जिस भी चक्र के समय पककर खेत में खड़ी होती है उसी समय मौसम बिगड़ने से हालात ऐसे हो जाते हैं कि फसल पूरी तरह से चौपट हो जाती है। फसल के लिए बीज खरीद से लेकर फसल तैयार होने तक किसान पूरी मेहनत करता है लेकिन मौसम की मार के चलतेे खेत में खड़ी या कटकर पड़ी फसल पूरी तरह से बरबाद हो रही है। ऐसे में बुंदेलखंड का गरीब किसान लगातार गरीबी के कुचक्र में फंसता जा रहा है। खेती के लिए लिया लोन फसल बरबादी के कारण उतार नहीं पाता है इसलिए यहां किसानों की आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। दिनांक 02 मार्च 20204 दिन शनिवार देर शाम फिर देखने को मिला जब पहले चली तेज आंधी और उसके बाद आयी तेज बारिश और गिरे ओलों के प्रभाव में लगभग पूरे जनपद में गेंहू, चना , मटर और दलहन की फसलें पूरी तरह से बरबाद हो गयीं। खेत में तैयार खड़ी फसल जमीन पर बिछ गयी और कटकर खेत में पड़ी फसल भी पानी में डूबकर बरबाद हो गयी। अतः हमारा वर्तमान सरकार से अनुरोध है कि किसानों को 1लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की कृपा करें। जो पशुधन का नुकसान हुआ है उसका उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों को इस आपदा से राहत पहुंचाने के लिए राशन कोष खोला जाए उनका भरण पोषण किया जाए किसानों की फसल ही उनका रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया होता है ओलावृष्टि होने के कारण उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है जिस कारण उन्हें खाने के लाले पड़ गए हैं इस स्थिति में सरकार को चाहिए कि वह किसानों को मुफ्त राशन दे और अपना राशन कोष खोलकर उनका भरण पोषण करें।(4) इस आपदा के चलते जो किसान घायल हुए हैं उनका उचित इलाज करवाया जाए और उनके दवाइयां का खर्च भी उठाया जाए। कृषि वैज्ञानिक ऐसी आपदाओं में होने वाले नुकसान से बचने के लिए नई फसल चक्र के बारे में किसानों को जानकारी दी जाए । यदि मौसम के कारण फसल को बड़े पैमाने पर हो रहे नुकसान को देखा जाऐ तो अब समय आ गया है कि बुंदेलखंड और विशेषकर झांसी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक मौसम के अनुसार इस क्षेत्र के फसल चक्र में बदलाव पर शोध करें। फरवरी मध्य से लेकर मार्च के डेढ़ माह के दौरान लगातार हम किसानों की फसल को व्यापक नुकसान हो रहा है। इस क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान के तत्परता से काम करने की जरूरत आ गयी है। शनिवार देर शाम से रात तक चली आंधी और हुई भारी बारिश तथा ओलावृष्टि से लगभग पूरे जनपद में फसल बुरी तरह से बरबाद हुई है। और किसानों का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई को लेकर जिलाधिकारी झाँसी को ज्ञापन दिया। इस मौैके पर पूर्व प्रदीप जैन अदित्य,समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह भोजला, अफजाल हुसैन, पूर्व मंत्री अजय सूद, विजय कुशवाहा, पूर्व महानगर अध्यक्ष मिर्जा करामत बेग, पूर्व पार्षद अखलाक मकरानी, एड. बाबूलाल अठोदना, जिलाउपाध्यक्ष जीतू यादव, विधानसभा अध्यक्ष संजय पाल, युवजनसभा जिलाध्यक्ष विश्वप्रताप यादव, छात्र सभा म0 अध्यक्ष जयदेव शिवहरे, राहुल महालया, स्वदेश यादव, अमित यादव बबीना, अमित सिंह, अवरार अली, आरिफ खान, गौरव यादव, सोयव मकरानी, अमीर चंद, आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहें।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा