झांसी। स्व. डॉ० धन्नूलाल गौतम एवं वायुयान दुर्घटना के मृतकों को श्रद्धांजलि समर्पित की गई।शास्त्री विश्व भारती संस्कृति एवं साहित्य शोध संस्थान, शास्त्री भवन सीपरी बाजार झाँसी के तत्वावधान में विगत 1965 से सतत्त रूप से संचालित मासिक काव्य संगोष्टी संपन्न हुई | साहित्यिक संगोष्टी स्व० डॉ० धन्नूलाल गौतम (पूर्व चेयरमैन नगर पालिका) एवं अहमदाबाद से उड़ान भरने वाले वायुयान A1 -171 के आकस्मिक दुर्घटनाग्रस्त हो जाने तथा 242 यात्रियों के मृत होने पर उनके प्रति संवेदनशीलता, रखते हुए – शोक श्रद्धांजलि स्वरुप, समर्पित रही | गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ० प्रमोद अग्रवाल (साहित्य भूषण से निवृत आई.ए.एस.) द्वारा की गई | मुख्य अतिथि डॉ० बी.बी. त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि डॉ० ए.के. हिंग्वासिया, सुश्री नीलमधु श्रीवास्तव, श्रीमती संध्या निगम, श्री नेहाल चंद्र शिवहरे, श्रीमती मीरा अग्रवाल, डॉ० प्रताप नारायण दुबे, श्रीमती नीलम गुप्ता, डॉ० सुखराम चतुर्वेदी (फौजी) रहे | गोष्ठी का शुभारम्भ श्रीमती बृजलाता मिश्रा द्वारा रचित वाणी – वंदना की प्रस्तुति से हुआ | तत्पश्चात स्व० डॉ० धन्नूलाल गौतम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का डॉ० सुश्री नीति शास्त्री ने परिचय दिया| श्रीमती मीरा अग्रवाल ने पढ़ा – तुम कहाँ चले गए इस दुनिया से |छोड़ गये अपनी यादें दुनिया में क्रमशः श्रीमती रामा शुक्ला, गया। प्रसाद वर्मा मधुरेश, उस्मान अश्क, ब्रहमादीन बंधु, कैलाश नारायण मालवीय, राम बिहारी सोनी ‘तुक्कड़’, धर्मेश कुमार (सारांश), रवि कुमार कुशवाहा, हितेश कंचन, डॉ० के.के. साहू, हर शरण शुक्ल, यश रावत, तेजभान सिंह बुंदेला, लाखन सिंह परिहार, कामता प्रसाद प्रजापति, अनिरुद्ध तिवारी, काशीराम सेन मधुप, बाल प्रसाद यादव (बालकवि), कृष्ण मुरारी श्रीवास्तव, कैप्टन विजय शंकर बबेले, साकेत सुमन चतुर्वेदी, श्रीमती सुमन मिश्रा, कवियों ने डॉ० धन्नूलाल गौतम की विनम्रता, सरलता, सौम्यता, समरसता, कला साधक, संगीत – प्रेमी, संस्कृति संवाहक बताया | डॉ० प्रमोद अग्रवाल की अध्यक्षता ने कहा कि डॉ० गौतम संगीतकार और गायक पहले थे; बाद में राजनीतिज्ञ | अंत में सभी ने 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि देकर शांति पाठ किया। संचालन डॉ० सुखराम चतुर्वेदी ‘फौजी’ ने किया | स्वागत एवं आभार डॉ० सुश्री नीती शास्त्री ने व्यक्त किया | इस अवसर पर सुभाष चंद्र, नीरज सिंह, दीपक साहू, शिवा , विभा पांडे, आदि अनेक श्रोतागण उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा






